दिल की कहानी अपनों की जुबानी

अपनी दुनिया में रहने वाले
जिंदगी को हवा में उड़ाने वाले
इंतजार को इंतज़ार कराने वाले
तूने ये न सोचा
जिंदगी तो है तेरी अनमोल
पर तेरे जीवन का कुछ और है मोल

अगर तू चाहे तो आसमा  को झुका  दे
अपने पैरो की धुल दुनिया को बना दे
पर तेरे जीवन में ये कैसे तूफ़ान आया
इस तूफ़ान ने कितना तुझे तरपाया
क्या कहू इस तूफान का किस्सा
जीवन का ये दर्द था
तेरे किस्मत का शायद  ये सर्द था
 पर तूने न हारी  ये जंग
और दुनिया को कर दिया दंग

हार के सबने ये तेरी पुकार सुनी
और तूने अपने जीवन की बहार चुनी

एक बात तू याद रखना मेरी
जीवन में हर पल है देरी
यहाँ अँधियारा करने वालो की कमी नहीं
खून के आंशू  रुलाने वालो की कमी नहीं
पर जिसने दर्द  दिया करना उसका सम्मान
 तेरे जीवन की यही है मान

क्योंकी  दर्द न होगा तो
दुःख की क्या पहचान है
और संघर्ष न हो तो
जीवन की क्या शान है
***अम्बालिका झा***

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