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ये सपने अपने है

तेरी आँखों ने जो सपने देखे है  उन आँखों में मेरे भी सपने है  तेरा साथ है खुशियाँ  ही खुशियाँ  है  अब अपनी  प्यारी सी एक  दुनिया है  तुम हस्ती हो दिल हस्ता है  तुम रोती हो दिल रोता है  तुम हो कितनी भोलि भाली  तुम हो कितनी सच्ची, कितनी प्यारी  तुम्हारी हर एक अदा है सबसे न्यारी  तुम मिली  मुझे मेरी ज़िन्दगी मिली तुम  ने दी इतनी खुशियाँ  मेरी किस्मत खुली  वादा है मेरा तुम से  इन सपनो को पंख लगा दूंगा  सारी खुशियाँ तुम्हारी कदमो में सजा दूंगा  ***गंगेश कुमार*** 

दिल की कहानी अपनों की जुबानी

अपनी दुनिया में रहने वाले जिंदगी को हवा में उड़ाने वाले इंतजार को इंतज़ार कराने वाले तूने ये न सोचा जिंदगी तो है तेरी अनमोल पर तेरे जीवन का कुछ और है मोल अगर तू चाहे तो आसमा  को झुका  दे अपने पैरो की धुल दुनिया को बना दे पर तेरे जीवन में ये कैसे तूफ़ान आया इस तूफ़ान ने कितना तुझे तरपाया क्या कहू इस तूफान का किस्सा जीवन का ये दर्द था तेरे किस्मत का शायद  ये सर्द था  पर तूने न हारी  ये जंग और दुनिया को कर दिया दंग हार के सबने ये तेरी पुकार सुनी और तूने अपने जीवन की बहार चुनी एक बात तू याद रखना मेरी जीवन में हर पल है देरी यहाँ अँधियारा करने वालो की कमी नहीं खून के आंशू  रुलाने वालो की कमी नहीं पर जिसने दर्द  दिया करना उसका सम्मान  तेरे जीवन की यही है मान क्योंकी  दर्द न होगा तो दुःख की क्या पहचान है और संघर्ष न हो तो जीवन की क्या शान है ***अम्बालिका झा***

रिश्ते की पहचान

हमारे घर की शान है जीवन की तू पहचान है माँ बाप की तू मान है हम भाइयो की तू जान है सूरज की किरणों सी पहचान है रात की चांदनी की तू अंजाम है हमें तू चाहती है इतना सागर में मोती है जितना वैसे तो तू है भोली भाली पर तेरे बिना है दुनिया खाली वैसे तो तू है सीधी साधी पर तेरे बिना है माँ की दुनिया आधी माँ के जीवन का तू सच्चा सहारा है उसने दुःख में बस तुझे पुकारा है माँ बेटी का रिश्ता न्यारा है सोनी तेरा जीवन प्यारा है  ***अम्बालिका झा***