जाति क्यों नही जाती
अक्सर हम बात करते है की जातिवाद का अंत होना चाहिए...जाति प्रथा समाज के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा है...फिर देखने को मिलता है जाति के आधार पर आरक्षण । क्या ये जाति प्रथा को बढावा नही देती ? हमारे नेता वोट बैंक बनाने के लिए जाति को आधार बनाकर कई तरह का खेल हमारे साथ खेलते है..... वर्तमान में हो रहे आम चुनाव की बात करे तो आलम ये है किस जाति को टिकट दिया किस को नही इस पर भी बहस छिड गई है सवाल ये है की जाति का अंत तब तक सम्भव नही है जब तक की हमारे नेता जातिगत वोट की राजनीती बंद न करे । जाति से उठकर विकास की बात करना हमारे नेता भूल गए है उन्हें मतलब है अपनी बिरादरी से अपने कुनवे से । ऐसे में जाति का जाना असंभव है .......
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